Saturday, 2 July 2016

"द्रविड़- द वॉल"

"गेंदबाजों के छुड़ा के छक्के,
लोग रह गये हक्के बक्के,
घुमा के बल्ला लगा के चौका,
नहीं किसी को दिया है मौका.
मैदान के पार गयी है,
गेंद बेचारी हार गयी है,
गेंदबाज के आँख के पानी,
याद आ गयी उसको नानी.
त्राहिमाम मचा हुआ गेंदबाज के खेमे में,
सारे प्रयास विफल हुए इसको पगबाधा करने में,
ना तो बोल्ड, ना कैच, ना रन आउट हीं कर पाया,
कौन है ये भाई कौन है ये,
ना जाने क्या खा कर आया.
(तभी आकाशवाणी होती है.)
सूर्य चमकता जैसे हरदम, वैसे करता ये कमाल है,
बल्लेबाजी का शहंशाह, विकेटकीपिंग भी बवाल है,
क्रिकेट का है कोहिनूर, भारत का चहेता लाल है,
नाम है राहुल शरद द्रविड़, प्यार से कहते The Wall हैं."

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